पशुधन संगणना
देश में पशुधन की संगणना वर्ष 1919 में शुरू हुई थी। अब तक 20 पशुधन संगणनाओं का आयोजन किया जा चुका है। पशुधन संगणना समय के पूर्व-निर्धारित संदर्भ बिंदु पर पशुधन और कुक्कुट की पूरी गणना है। जनगणना के समान, प्राथमिक कार्यकर्ता देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक घर/पारिवारिक उद्यम/गैर-पारिवारिक/गैर-पारिवारिक उद्यमों और संस्थाओं द्वारा रखे गए पशुधन/कुक्कुट के लिए घर-घर जाकर गणना करते हैं और उन की संख्या, आयु, लिंग आदि का पता लगाते हैं। 20 वीं पशुधन संगणना के संचालन के लिए पहली बार टेबलेट्स का उपयोग किया गया था।
एकीकृत नमूना सर्वेक्षण
प्रमुख पशुधन उत्पादों (एमएलपी) अर्थात् दूध, अंडे, मांस और ऊन के उत्पादन का अनुमान केंद्रीय क्षेत्र योजना "एकीकृत नमूना सर्वेक्षण" के तहत किए गए वार्षिक नमूना सर्वेक्षणों के आधार पर लगाया जाता है। यह योजना पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा राज्य पशुपालन विभागों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है। सभी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र इस योजना को लागू कर रहे हैं। राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के सम्पूर्ण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए हैं। सर्वेक्षण की अवधि मार्च से फरवरी तक होती है और एक वर्ष की पूरी अवधि को प्रत्येक 4 महीने में विभाजित किया जाता है। इससे समुच्चय के प्रगतिशील अनुमानों को सामने लाने में मदद मिलती है और यदि अध्ययनाधीन कारकों पर यदि मौसम का कोई प्रभाव हो तो उसका भी ध्यान रखा जाता है।
अधिदेश
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पंचवर्षीय पशुधन संगणना आयोजित करना।
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एकीकृत नमूना सर्वेक्षण के माध्यम से वार्षिक नमूना सर्वेक्षण आयोजित करना।
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राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के माध्यम से आयोजित किए गए एकीकृत नमूना सर्वेक्षण के आधार पर दूध, अंडे, मांस, ऊन और अन्य संबंधित पशुपालन सांख्यिकी के उत्पादन के वार्षिक अनुमानों का प्रकाशन करना।















